सितार वादक विदुषी मीता नाग
मीता नाग (जन्म 2 जनवरी 1969), दिग्गज सितारवादक, पंडित मणिलाल नाग की बेटी और संगीताचार्य गोकुल नाग की बेटी, बंगाल के विष्णुपुर घराने से हैं, जो 300 साल पुराना संगीत का एक विद्यालय है। वंश के संदर्भ में, मीता अपने परिवार में छठी पीढ़ी की सितार वादक हैं, परंपरा उनके पूर्वजों के साथ शुरू हुई है। 1969 में पैदा हुई मीता को चार साल की उम्र में संगीत में दीक्षा दी गई थी। छह साल की उम्र में उसके पिता के अधीन उसकी ट्यूटेज शुरू हो गई। 1979 में इंटरनेशनल ईयर ऑफ़ द चाइल्ड में, वह दस साल की उम्र में अपने पहले प्रदर्शन के लिए दिखाई दीं। मीता अंग्रेजी साहित्य में परास्नातक हैं और एम.फिल। कलकत्ता विश्वविद्य
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रामविलास का संगीत दर्शन
रामविलास शर्मा हमारे समय के एक गम्भीर अध्येता, मर्मी आलोचक और विचारक रहे हैं। दीर्घ काल तक व्याप्त उनके महत् कार्य का, उसके विभिन्न पक्षों-पहलुओं का ईमानदार मूल्यांकन शायद अब शुरू होगा।
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भारत में संगीत-शिक्षण
१८ वीं शताब्दी में घराने एक प्रकार से औपचारिक संगीत-शिक्षा के केन्द्र थे परन्तु ब्रिटिश शासनकाल का आविर्भाव होने पर घरानों की रूपरेखा कुछ शिथिल होने लगी क्योंकि पाश्चात्य संस्कृति के व्यवस्थापक कला की अपेक्षा वैज्ञानिक प्रगति को अधिक मान्यता देते थे और आध्यात्म की अपेक्षा इस संस्कृति में भौतिकवाद प्रबल था।
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संत/सन्यासी काशी कथा
भारतीय शास्त्रीय संगीत सबसे अधिक पुराना
प्रख्यात सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान के युवा बेटे अमान और अयान अली खान महसूस करते हैं कि भारतीय शास्त्रीय संगीत सबसे अधिक पुराना है।
अमान ने कहा कि, "भारतीय शास्त्रीय संगीत प्राचीन है। ऋग्वेद काल में इस संगीत का उद्भव हुआ है। हमें नहीं लगता कि यह कहना ठीक है कि भारतीय संगीत अन्य प्रकार के संगीत से श्रेष्ठ है। हमारे यहां संगीत और आध्यात्मिकता में बहुत निकट का संबंध है, जो इसे अन्य संस्कृतियों में अनूठा बनाता है।"
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राग परिचय
हिंदुस्तानी एवं कर्नाटक संगीत
हिन्दुस्तानी संगीत में इस्तेमाल किए गए उपकरणों में सितार, सरोद, सुरबहार, ईसराज, वीणा, तनपुरा, बन्सुरी, शहनाई, सारंगी, वायलिन, संतूर, पखवज और तबला शामिल हैं। आमतौर पर कर्नाटिक संगीत में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों में वीना, वीनू, गोत्वादम, हार्मोनियम, मृदंगम, कंजिर, घमत, नादाश्वरम और वायलिन शामिल हैं।